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विभिन्न तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए हमारे शरीर में आयरन बेहद जरूरी है। हिमोग्लोबिन के कम होने से अनीमिया जैसी बीमारी हो सकती है। शरीर में आयरन फोलिक ऐसिड और विटामिन बी की कमी से हमारा हीमग्लोबिन लेवल घटता है, जिसके चलते हमें थकान और कमजोरी महसूस होती है। इतना ही नहीं, हीमोग्लोबिन लेवल कम होने से हमारी किडनी में भी दिक्कत हो सकती है। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी चीजों के बारे में जिनमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है और इनका सेवन करके आपका हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ेगा:
1. चुकंदर
चुकंदर का सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। इसके साथ ही अगर आप चुकंदर की पत्तियों को खाएंगे तो ज्यादा आयरन मिलेगा। चुकंदर की तुलना में इसकी पत्तियों में तीन गुना अधिक आयरन होता है।
2. आंवला और जामुन
बराबर मात्रा में आंवले और जामुन कर रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
3. पिस्ता
पिस्ते में 30 अलग-अलग तरह के विटामिन्स पाए जाते हैं। इसमें आयरन की मात्रा भी भरपूर होती है।
4. नींबू
नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे बॉडी में हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
5. अनार
अनार में मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन सी के अलावा आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है। एक गिलास गुनगुने दूध में दो चम्मच अनार पाउडर डालकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ाया जा सकता है।
6. सेब
सेब अनीमिया जैसी बीमारी में काफी लाभदायक होता है। इसका सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
7. पालक
हीमोग्लोपबिन की कमी होने पर पालक का सेवन करने से शरीर में इसकी कमी पूरी होती है। पालक में आयरन की मात्रा काफी अधिक होती है।
8. सूखी किशमिश
ब्लड बनने के लिए जरूरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को किशमिश पूरा करती है। आयरन से भरपूर सूखी काली किशमिश का सेवन करके आप अपना हीमोग्लोबिन बढ़ा सकते हैं।
9. अंजीर
अंजीर में विटामिन ए, बी1, बी2, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैगनीज, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन पाया जाता है। दो अंजीर रात को पानी में भिगोकर, सुबह उसका पानी पीने और अंजीर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाया जा सकता है।
10. पका अमरूद
पका अमरूद खाने से बॉडी में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती है।
11. केला
शहद या आंवले के रस के साथ केले का सेवन करने से हीमोग्लोबिन लेवन में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
12. अंकुरित आहार
सुबह उठकर अंकुरित अनाज जैसे मूंग, चना, मोठ और गेंहू इत्यादि में नींबू का रस मिलाकर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
13. बादाम
10 ग्राम ड्राई रोस्टेड बादाम में 0.5 मिलीग्राम आयरन होता है। इसके अलावा बादाम में कैल्शियम, मैग्नीशियम भी होता है और कैलरी मात्र 163 होती है। इसका सेवन करने से हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
14. काजू
10 ग्राम काजू में 0.3 मिलीग्राम आयरन होता है। इससे आपका हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
15. अखरोट
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी ऐसिड की मात्रा काफी अच्छी होती है। अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम फाइबर और विटामिन-बी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसका सेवन करने से आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
16. तुलसी
तुलसी की पत्तियों का नियमित सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती है।
17. गुड़ और मूंगफली
रोजाना गुड़ और मूंगफली के दाने मिलाकर सेवन करें। इसे चबा-चबा कर खाने से
खून की कमी नहीं होगी और हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ेगा।
18. तिल
तिल से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है। तिल खाने से अनीमिया की बीमारी ठीक होती है।
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गुरुवार, 11 अक्टूबर 2018
आयरन से भरपूर हैं ये 18 चीजें, खाने से दूर होगी हीमोग्लोबिन की कमी
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विभिन्न तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए हमारे शरीर में आयरन बेहद जरूरी है। हिमोग्लोबिन के कम होने से अनीमिया जैसी बीमारी हो सकती है। शरीर में आयरन फोलिक ऐसिड और विटामिन बी की कमी से हमारा हीमग्लोबिन लेवल घटता है, जिसके चलते हमें थकान और कमजोरी महसूस होती है। इतना ही नहीं, हीमोग्लोबिन लेवल कम होने से हमारी किडनी में भी दिक्कत हो सकती है। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी चीजों के बारे में जिनमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है और इनका सेवन करके आपका हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ेगा:
1. चुकंदर
चुकंदर का सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। इसके साथ ही अगर आप चुकंदर की पत्तियों को खाएंगे तो ज्यादा आयरन मिलेगा। चुकंदर की तुलना में इसकी पत्तियों में तीन गुना अधिक आयरन होता है।
2. आंवला और जामुन
बराबर मात्रा में आंवले और जामुन कर रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
3. पिस्ता
पिस्ते में 30 अलग-अलग तरह के विटामिन्स पाए जाते हैं। इसमें आयरन की मात्रा भी भरपूर होती है।
4. नींबू
नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे बॉडी में हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
5. अनार
अनार में मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन सी के अलावा आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है। एक गिलास गुनगुने दूध में दो चम्मच अनार पाउडर डालकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ाया जा सकता है।
6. सेब
सेब अनीमिया जैसी बीमारी में काफी लाभदायक होता है। इसका सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
7. पालक
हीमोग्लोपबिन की कमी होने पर पालक का सेवन करने से शरीर में इसकी कमी पूरी होती है। पालक में आयरन की मात्रा काफी अधिक होती है।
8. सूखी किशमिश
ब्लड बनने के लिए जरूरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को किशमिश पूरा करती है। आयरन से भरपूर सूखी काली किशमिश का सेवन करके आप अपना हीमोग्लोबिन बढ़ा सकते हैं।
9. अंजीर
अंजीर में विटामिन ए, बी1, बी2, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैगनीज, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन पाया जाता है। दो अंजीर रात को पानी में भिगोकर, सुबह उसका पानी पीने और अंजीर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाया जा सकता है।
10. पका अमरूद
पका अमरूद खाने से बॉडी में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती है।
11. केला
शहद या आंवले के रस के साथ केले का सेवन करने से हीमोग्लोबिन लेवन में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
12. अंकुरित आहार
सुबह उठकर अंकुरित अनाज जैसे मूंग, चना, मोठ और गेंहू इत्यादि में नींबू का रस मिलाकर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
13. बादाम
10 ग्राम ड्राई रोस्टेड बादाम में 0.5 मिलीग्राम आयरन होता है। इसके अलावा बादाम में कैल्शियम, मैग्नीशियम भी होता है और कैलरी मात्र 163 होती है। इसका सेवन करने से हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
14. काजू
10 ग्राम काजू में 0.3 मिलीग्राम आयरन होता है। इससे आपका हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
15. अखरोट
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी ऐसिड की मात्रा काफी अच्छी होती है। अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम फाइबर और विटामिन-बी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसका सेवन करने से आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
16. तुलसी
तुलसी की पत्तियों का नियमित सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती है।
17. गुड़ और मूंगफली
रोजाना गुड़ और मूंगफली के दाने मिलाकर सेवन करें। इसे चबा-चबा कर खाने से
खून की कमी नहीं होगी और हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ेगा।
18. तिल
तिल से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है। तिल खाने से अनीमिया की बीमारी ठीक होती है।
आयरन से भरपूर हैं ये 18 चीजें, खाने से दूर होगी हीमोग्लोबिन की कमी
ज्यादा सोने वाले हो जाएं सावधान! मस्तिष्क को खतरा
ज्यादा सोने से आपके मस्तिष्क यानी ब्रेन के काम करने के तरीके को नुकसान पहुंच सकता है। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि वैसे लोग जो कम सोते हैं या फिर वैसे लोग जो रात में 7-8 घंटे से ज्यादा की नींद लेते हैं, दोनों की ही समझने और जानने की क्षमता कम हो जाती है।
7-8 घंटे की नींद है पर्याप्त
कनाडा स्थित वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि पिछले साल जून में शुरू किए गए नींद संबंधी सबसे बड़े रिसर्च में दुनियाभर के 40 हजार लोग शामिल हुए थे। ऑनलाइन शुरू की गई इस वैज्ञानिक जांच में एक प्रश्नावली और ज्ञानात्मक प्रदर्शन (कॉग्नेटिव परफॉर्मेंस) वाली गतिविधियों की शृंखला शामिल की गई। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि आपके मस्तिष्क को सही से काम करने के लिए 7-8 घंटे की नींद चाहिए और डॉक्टर भी इतनी ही नींद लेने की सलाह देते हैं।
ज्यादा सोने वाले हो जाएं सावधान! मस्तिष्क को
कम ही नहीं ज्यादा सोना भी है नुकसानदेह है।
ज्यादा सोने से आपके मस्तिष्क यानी ब्रेन के काम करने के तरीके को नुकसान पहुंच सकता है। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि वैसे लोग जो कम सोते हैं या फिर वैसे लोग जो रात में 7-8 घंटे से ज्यादा की नींद लेते हैं, दोनों की ही समझने और जानने की क्षमता कम हो जाती है।
7-8 घंटे की नींद है पर्याप्त
कनाडा स्थित वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि पिछले साल जून में शुरू किए गए नींद संबंधी सबसे बड़े रिसर्च में दुनियाभर के 40 हजार लोग शामिल हुए थे। ऑनलाइन शुरू की गई इस वैज्ञानिक जांच में एक प्रश्नावली और ज्ञानात्मक प्रदर्शन (कॉग्नेटिव परफॉर्मेंस) वाली गतिविधियों की शृंखला शामिल की गई। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि आपके मस्तिष्क को सही से काम करने के लिए 7-8 घंटे की नींद चाहिए और डॉक्टर भी इतनी ही नींद लेने की सलाह देते हैं।
लोगों की नींद से जुड़ी आदतों की हुई जांच
यूनिवर्सिटी के एड्रियन ओवन ने कहा, 'हम वास्तव में दुनियाभर के लोगों की सोने की आदतों के बारे में जानना चाहते थे। निश्चित तौर पर लैब में छोटे पैमाने पर नींद पर रिसर्च हुई है, लेकिन हम यह जानना चाहते थे कि वास्तविक जगत में लोगों की नीद संबंधी आदतें कैसी हैं। लगभग आधे प्रतिभागियों ने हर रात 6.3 घंटे से कम नींद लेने की बात कही, जो स्टडी में जरूरी नींद की मात्रा से एक घंटे कम थी। इसमें एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि 4 घंटे या उससे कम नींद लेने वालों का परफॉर्मेंस ऐसा था, जैसे वह अपनी उम्र से 9 साल छोटे हों। हैरान करने वाली खोज यह थी कि नींद सभी वयस्कों को समान रूप से प्रभावित करती है।
बुधवार, 10 अक्टूबर 2018
हीमोग्लोबिन क्या है, शरीर में कितना लोहा होना चाहिए ?
शरीर में लोहे की कमी होना सेहत के लिए हानिकारक होता है, लेकिन लोहे की अधिकता भी उतनी ही नुकसानदेह होती है। मतलब लोहा शरीर के लिए आवश्यक तो है, लेकिन संतुलित मात्रा में। एक स्वस्थ शरीर में लोहे की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए, इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग के लक्षण पनपने लगते हैं।
लोहे का मुख्य कार्य खून के प्रमुख घटक, लाल रक्त कणों का निर्माण करना करना है। इतना ही नहीं, हीमोग्लोबिन के निर्माण का कार्य भी लोहा करता है, जो शरीर के अंग-प्रत्यंगों को सुडौल बनाकर, शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
हीमोग्लोबिन क्या है -
हड्डियों के अंदरूनी भाग में पाया जाने वाला गूदा या अस्थिमज्जा, रक्त कणों की जननी है। यानी अस्थिमज्जा में ही हर तरह के रक्त कण बनते हैं, जिनमें लाल रक्त कणों की भरमार होती है। एक क्यूबिक मिलीलीटर रक्त में लगभग 50 लाख लाल रक्त कण होते हैं। एक बूंद खून को सूक्ष्मदर्शी से देखने पर रक्त के लाल कण गोल-गोल तश्तरियों की तरह नजर आते हैं, जो किनारे पर मोटे और बीच में पतले दिखते हैं।
6 लक्षण दिखें, तो आने वाला है हार्ट अटैक

4 सर्दी का बना रहना - लंबे समय तक सर्दी या इससे संबंधित लक्षणों का बना रहना भी दिल के दौरे की ओर इशारा करता है। जब दिल, शरीर के आंतरिक अंगों में रक्तसंचार के लिए ज्यादा मेहनत करता है, तब रक्त के फेफड़ों में स्त्रावित होने की संभावना बढ़ जाती है। सर्दी में कफ के साथ सफेद या गुलाबी रंग का बलगम, फेफड़ों में स्त्रावित होने वाले रक्त के कारण हो सकता है।
5 चक्कर आना - जब आपका दिल कमजोर हो जाता है, तो उसके द्वारा होने वाला रक्त का संचार भी सीमित हो जाता है। ऐसे में दिमाग तक आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे निरंतर चक्कर आना या सिर हल्का होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यह हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार एक गंभीर लक्षण है, जिस पर आपको तुरंत ध्यान देना चाहिए।
6 इनके अलावा सांस लेने में अगर आपको किसी प्रकार का परिवर्तन या कमी का एहसास होता है, तो यह भी दिल के दौरे का लक्षण हो सकता है। जब दिल अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाता तो फेफड़ों तक उतनी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जितनी आवश्यकता होती है। इस वजह से सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ होता है, तो बगैर देर किए डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
स्वस्थ रहने की 10 अच्छी आदतें
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